चेलुसैंण तीरंदाजी प्रशिक्षण शिविर 2026- 18 मई से 25 मई 2026

पर्वतीय प्रतिभाओं को अवसर से उपलब्धि तक पहुँचाने की पहल

दगड़िया जन कल्याण समिति (डाबर) उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए समर्पित एक गैर-लाभकारी सामाजिक संस्था है। समिति एक ओर किसानों को उन्नत एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों के माध्यम से सशक्त बनाने का प्रयास करती है, वहीं दूसरी ओर उनके बच्चों के लिए शिक्षा, कौशल विकास एवं खेल प्रशिक्षण के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्यरत है।

समिति का दृढ़ विश्वास है कि हिमालयी क्षेत्रों के बच्चों में प्रतिभा, दृढ़ संकल्प, अनुशासन और कठिन परिस्थितियों में आगे बढ़ने की अद्भुत क्षमता विद्यमान है। यदि उन्हें सही अवसर, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, आधुनिक संसाधन एवं निरंतर मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए, तो वे राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने में सक्षम हैं। समिति का उद्देश्य ऐसी प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें विशेषज्ञ प्रशिक्षण, आवश्यक खेल उपकरण और सतत मार्गदर्शन प्रदान करना है, ताकि वे अपनी क्षमताओं को उपलब्धियों में बदल सकें और भविष्य में उत्तराखंड एवं राष्ट्र की अमूल्य धरोहर बन सकें।

इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए दगड़िया जन कल्याण समिति द्वारा 18 मई से 25 मई 2026 तक राजकीय इंटर कॉलेज (GIC), चेलुसैंण में एक सप्ताह का तीरंदाजी प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। शिविर में विद्यार्थियों को अनुभवी तीरंदाजी प्रशिक्षक श्री अखिलेश बलोदी द्वारा खेल की मूलभूत तकनीकों से परिचित कराने के साथ व्यवस्थित एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को एक कुशल तीरंदाज बनने के लिए आवश्यक तीरंदाजी के नौ मूलभूत चरणों का अभ्यास कराया गया। इनमें सही शारीरिक मुद्रा (Stance), तीर चढ़ाना (Nocking), सेट पोजीशन, धनुष खींचना (Drawing), एंकरिंग, लक्ष्य साधना (Aiming), तीर छोड़ना (Release), फॉलो-थ्रू तथा संतुलन एवं शारीरिक मुद्रा बनाए रखना शामिल था। नियमित अभ्यास एवं व्यक्तिगत मार्गदर्शन के माध्यम से विद्यार्थियों ने खेल के प्रति उल्लेखनीय उत्साह, अनुशासन एवं सीखने की रुचि प्रदर्शित की।

शिविर समाप्त होने के बाद भी विद्यार्थियों का अभ्यास निरंतर जारी रह सके, इसके लिए विद्यालय को समिति द्वारा आवश्यक तीरंदाजी उपकरण—टारगेट स्टैंड, टारगेट फेस तथा इंडियन बो (धनुष) उपलब्ध कराए गए। इन संसाधनों की सहायता से विद्यार्थी विद्यालय में नियमित अभ्यास कर अपनी तकनीक एवं प्रदर्शन में निरंतर सुधार कर सकेंगे।

इस पहल का प्रमुख लक्ष्य पर्वतीय क्षेत्र की प्रतिभाशाली खेल प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें आगामी CBSE खेल प्रतियोगिताओं के साथ-साथ जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की तीरंदाजी प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना है। नियमित अभ्यास, उचित प्रशिक्षण एवं सतत मार्गदर्शन के माध्यम से समिति का प्रयास ग्रामीण बच्चों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने, आत्मविश्वास एवं अनुशासन विकसित करने तथा अपने विद्यालय, गांव और उत्तराखंड का नाम गौरवान्वित करने के अवसर प्रदान करना है।

दगड़िया जन कल्याण समिति का मानना है कि पहाड़ की प्रतिभा को अवसर की आवश्यकता है, क्षमता की नहीं। इसी सोच के साथ समिति भविष्य में उत्तराखंड के अन्य पर्वतीय क्षेत्रों में भी तीरंदाजी एवं अन्य खेल विकास कार्यक्रमों का विस्तार करने के लिए प्रतिबद्ध है। आज ग्रामीण बच्चों की प्रतिभा में किया गया निवेश भविष्य में आत्मविश्वासी, अनुशासित, सक्षम एवं सफल युवा पीढ़ी के निर्माण की मजबूत नींव बनेगा।

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