उत्तराखंड के पर्वतीय अंचल के बच्चों के सशक्तिकरण की पहल
दगड़िया जन कल्याण समिति (डाबर) का प्रमुख उद्देश्य उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में शिक्षा, कौशल विकास एवं आजीविका के अवसरों को बढ़ावा देकर स्थानीय लोगों को सशक्त बनाना तथा गांवों से हो रहे पलायन को कम करने में योगदान देना है। समिति का दृढ़ विश्वास है कि यदि पहाड़ के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, व्यावहारिक कौशल और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराए जाएं, तो वे न केवल अपने भविष्य को बेहतर बना सकते हैं, बल्कि अपने गांव एवं क्षेत्र के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए हिमालयी क्षेत्र की समृद्ध सामाजिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में योगदान दे सकते हैं।
इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए दगड़िया जन कल्याण समिति द्वारा ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान 1 जून से 30 जून 2026 तक चतुर्थ ऑनलाइन कौशल विकास ग्रीष्मकालीन शिविर का सफल आयोजन किया गया। यह एक माह का शिविर कक्षा 8वीं से 11वीं तक के विद्यार्थियों के लिए पूर्णतः निःशुल्क आयोजित किया गया, जिसमें चमोली, उत्तरकाशी एवं पौड़ी गढ़वाल के पर्वतीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों ने भाग लिया। शिविर का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के शैक्षणिक ज्ञान, व्यावहारिक कौशल एवं आत्मविश्वास को विकसित कर उन्हें भविष्य की शिक्षा तथा प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर रूप से तैयार करना था।
शिविर का एक प्रमुख विषय अंग्रेजी भाषा प्रशिक्षण रहा, जिसमें विद्यार्थियों के पढ़ने, लिखने, बोलने एवं समझने की क्षमता को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया। अंग्रेजी की कक्षाएं अनुभवी शिक्षिका श्रीमती नीरजा शर्मा द्वारा संचालित की गईं, जिन्हें हांगकांग के ब्रिटिश स्कूलों में अध्यापन का अनुभव प्राप्त है। उनकी संवादात्मक एवं व्यावहारिक शिक्षण पद्धति ने विद्यार्थियों को अंग्रेजी बोलने की झिझक दूर करने तथा प्रभावी संवाद के लिए आवश्यक आत्मविश्वास विकसित करने में सहायता की।
शिविर का दूसरा प्रमुख विषय वैदिक गणित रहा, जिसका प्रशिक्षण श्री मधु सुदन डबराल, सेवानिवृत्त भारतीय वायु सेना कर्मी एवं पूर्व दिल्ली मेट्रो रेल प्रोफेशनल द्वारा दिया गया। तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक के अनुभव का लाभ विद्यार्थियों को मिला। वैदिक गणित की विभिन्न सरल एवं प्रभावी तकनीकों के माध्यम से विद्यार्थियों की गणना की गति, शुद्धता तथा मानसिक गणना क्षमता को विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया गया।
इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों के समग्र ज्ञानवर्धन हेतु सामान्य ज्ञान की विशेष कक्षाएं भी आयोजित की गईं। इनमें समसामयिक घटनाओं, भारत एवं उत्तराखंड, विज्ञान, इतिहास तथा अन्य महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी गई, जिससे विद्यार्थियों को विद्यालयी शिक्षा के साथ-साथ भविष्य की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी उपयोगी आधार प्राप्त हो सके।
पूरे एक माह के कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने नियमित ऑनलाइन कक्षाओं, अभ्यास सत्रों, प्रश्नोत्तरी तथा संवादात्मक चर्चाओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति एवं सक्रिय सहभागिता ने उनकी सीखने और स्वयं को बेहतर बनाने की उत्सुकता को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया।
शिविर के समापन पर विद्यार्थियों द्वारा अर्जित ज्ञान एवं कौशल के मूल्यांकन हेतु अंग्रेजी, वैदिक गणित एवं सामान्य ज्ञान पर आधारित एक समग्र परीक्षा आयोजित की गई। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रथम तीन विद्यार्थियों को उनकी मेहनत एवं उपलब्धि के सम्मान तथा प्रोत्साहन स्वरूप नकद पुरस्कार प्रदान किए गए:
- प्रथम पुरस्कार – ₹1,100
- द्वितीय पुरस्कार – ₹500
- तृतीय पुरस्कार – ₹250
चतुर्थ ऑनलाइन कौशल विकास ग्रीष्मकालीन शिविर उत्तराखंड के दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों के बच्चों के शैक्षणिक विकास, कौशल संवर्धन एवं आत्मविश्वास निर्माण की दिशा में समिति की एक सार्थक एवं सफल पहल सिद्ध हुई। विद्यार्थियों एवं अभिभावकों से प्राप्त सकारात्मक प्रतिक्रिया ने समिति के इस प्रयास को और अधिक प्रोत्साहन दिया है।
दगड़िया जन कल्याण समिति भविष्य में भी शिक्षा, कौशल विकास एवं सामुदायिक सशक्तिकरण से जुड़े ऐसे कार्यक्रमों को निरंतर आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। समिति का प्रयास है कि पहाड़ के बच्चों एवं युवाओं को ऐसे अवसर और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, जिनसे वे अपने सपनों को साकार करने के साथ-साथ अपनी जड़ों से जुड़े रहें और अपने गांव, समाज तथा उत्तराखंड के विकास में सक्रिय भागीदार बन सकें।